जी-20 देशों का शिखर सम्मेलन, रोम घोषणा के अनुमोदन के साथ सम्पन्न हो गया है। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री और सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधि पीयूष गोयल ने बताया कि शिखर सम्मेलन ने अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन पर कोविड महामारी के असर से उबरने और जलवायु परिवर्तन रोकथाम की ठोस कार्रवाई का संदेश दिया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि घोषणा पत्र में सहमति व्यक्त की गई है कि कोविड टीकाकरण वैश्विक जनहित के लिए आवश्यक है। पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सतत जीवनशैली का मंत्र रोम घोषणा पत्र के विवेकपूर्ण उपभोग और उत्तरदायी उत्पादन व्यवस्था में स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा कि भारत की नेतृत्व भूमिका में विकासशील देशों का अधिकांश एजेंडा रोम घोषणा पत्र में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार अब भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जी-20 नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा बाज़ारों की स्थिरता को भी महत्व दिया।
घोषणा में विश्व के नेताओं ने कहा कि वे महामारी से उत्पन्न वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक संकट पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध है जिसने अरबों लोगों को प्रभावित किया है। सतत् विकास लक्ष्यों की उपलब्धि की दिशा में प्रगति को बाधित किया है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को बाधित किया है। साझा और प्रभावी समाधान खोजने में बहुपक्षवाद की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए नेताओं ने महामारी के लिए आम प्रतिक्रिया को और मजबूत करने और वैश्विक सुधार का मार्ग प्रशस्त करने पर सहमति व्यक्त की है। जी-20 देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक साझा दृष्टिोकण पर सहमत हुए हैं और लैंग्गिक समानता की उपलब्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने साझा प्रयासों को और आगे बढ़ाया है। ई-डिजिटलीकरण के लाभों को व्यापक रूप से, सुरक्षित रूप से साझा किया जाये और असमानताओं को कम किया जाये।
